होलिका दहन · 2027
तिथि: सोमवार, 22 मार्च 2027
फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या को, होली से एक दिन पूर्व, होलिका दहन किया जाता है — होलिका के जलने और भक्त प्रह्लाद की रक्षा की स्मृति में। यह बुराई पर भक्ति की विजय का प्रतीक है।
Howrah के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
Howrah में जिस दिन प्रदोष काल में भद्रा रहित पूर्णिमा हो, उसी दिन; भद्रा आधी रात के बाद तक रहे तो अगले दिन।
कैसे मनाया जाता है
- अलाव
- होलिका प्रतिमा दहन
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: હોલિકા દહન (गुजराती) · होळिका दहन (मराठी)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- फाल्गुन · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- फाल्गुन · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 8 Panguni 2057 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 7 Choitro 1433 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 8 Chaitra 1434 (विलायती संवत)
- मलयालम: 8 Meenam 1202 (कोल्लम संवत)
Howrah के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
होलिका दहन 2027
Vishnu
- सोमवार, 22 मार्च 2027दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: रवि, 21 मार्च, 6:22 pm – सोम, 22 मार्च, 4:13 pm IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- होलिका दहन क्या है?
- फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या को, होली से एक दिन पूर्व, होलिका दहन किया जाता है — होलिका के जलने और भक्त प्रह्लाद की रक्षा की स्मृति में। यह बुराई पर भक्ति की विजय का प्रतीक है।
- होलिका दहन 2027 कब है?
- होलिका दहन सोमवार, 22 मार्च 2027 को है।