होलिका दहन · 2026
तिथि: मंगलवार, 3 मार्च 2026
फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या को, होली से एक दिन पूर्व, होलिका दहन किया जाता है — होलिका के जलने और भक्त प्रह्लाद की रक्षा की स्मृति में। यह बुराई पर भक्ति की विजय का प्रतीक है।
पटना के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
पटना में जिस दिन प्रदोष काल में भद्रा रहित पूर्णिमा हो, उसी दिन; भद्रा आधी रात के बाद तक रहे तो अगले दिन।
कैसे मनाया जाता है
- अलाव
- होलिका प्रतिमा दहन
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: હોલિકા દહન (गुजराती) · होळिका दहन (मराठी) · ஹோலிகா தகனம் (तमिल) · హోలికా దహనం (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- फाल्गुन · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- फाल्गुन · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 19 मासि 2056 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 18 फाल्गुन 1432 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 19 फाल्गुन 1433 (विलायती संवत)
- मलयालम: 19 कुंभम 1201 (कोल्लम संवत)
पटना के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
होलिका दहन 2026
Vishnu
- मंगलवार, 3 मार्च 2026दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: सोम, 2 मार्च, 5:56 pm – मंगल, 3 मार्च, 5:07 pm IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- होलिका दहन क्या है?
- फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या को, होली से एक दिन पूर्व, होलिका दहन किया जाता है — होलिका के जलने और भक्त प्रह्लाद की रक्षा की स्मृति में। यह बुराई पर भक्ति की विजय का प्रतीक है।
- होलिका दहन 2026 कब है?
- होलिका दहन मंगलवार, 3 मार्च 2026 को है।