होलिका दहन · 2024
तिथि: रविवार, 24 मार्च 2024
फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या को, होली से एक दिन पूर्व, होलिका दहन किया जाता है — होलिका के जलने और भक्त प्रह्लाद की रक्षा की स्मृति में। यह बुराई पर भक्ति की विजय का प्रतीक है।
श्रीनगर के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
श्रीनगर में जिस दिन प्रदोष काल में भद्रा रहित पूर्णिमा हो, उसी दिन; भद्रा आधी रात के बाद तक रहे तो अगले दिन।
कैसे मनाया जाता है
- अलाव
- होलिका प्रतिमा दहन
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: હોલિકા દહન (गुजराती) · होळिका दहन (मराठी)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- फाल्गुन · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- फाल्गुन · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 11 Panguni 2054 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 10 Choitro 1430 (बंगाब्द)
- मलयालम: 11 Meenam 1199 (कोल्लम संवत)
श्रीनगर के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
होलिका दहन 2024
Vishnu
- रविवार, 24 मार्च 2024दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: रवि, 24 मार्च, 9:55 am – सोम, 25 मार्च, 12:30 pm IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- होलिका दहन क्या है?
- फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या को, होली से एक दिन पूर्व, होलिका दहन किया जाता है — होलिका के जलने और भक्त प्रह्लाद की रक्षा की स्मृति में। यह बुराई पर भक्ति की विजय का प्रतीक है।
- होलिका दहन 2024 कब है?
- होलिका दहन रविवार, 24 मार्च 2024 को है।