होली · 2025
तिथि: शुक्रवार, 14 मार्च 2025 · 2 दिन का पर्व (14 – 15 मार्च)
रंगों का त्योहार — बुराई पर अच्छाई की विजय और वसंत के आगमन का उत्सव। होलिका दहन के अगले दिन धुलेंडी को लोग एक-दूसरे पर गुलाल और रंग डालकर मिठाइयों के साथ इसे मनाते हैं।
पटना के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
होलिका दहन के अगले दिन खेली जाती है।
कैसे मनाया जाता है
- होलिका दहन
- रंग खेलना
- ठंडाई
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: দোল (बंगाली) · ஹோலி (तमिल) · హోళి (तेलुगू) · હોળી (गुजराती) · होळी (मराठी)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- फाल्गुन · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- फाल्गुन · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 30 मासि 2055 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 30 फाल्गुन 1431 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 1 चैत्र 1432 (विलायती संवत)
- मलयालम: 30 कुंभम 1200 (कोल्लम संवत)
पटना के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
होली 2025
Vishnu
- शुक्रवार, 14 मार्च 2025दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: गुरु, 13 मार्च, 10:36 am – शुक्र, 14 मार्च, 12:24 pm IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- होली क्या है?
- रंगों का त्योहार — बुराई पर अच्छाई की विजय और वसंत के आगमन का उत्सव। होलिका दहन के अगले दिन धुलेंडी को लोग एक-दूसरे पर गुलाल और रंग डालकर मिठाइयों के साथ इसे मनाते हैं।
- होली 2025 कब है?
- होली शुक्रवार, 14 मार्च 2025 को है।