गुरु पूर्णिमा · 2028
तिथि: गुरुवार, 6 जुलाई 2028
आषाढ़ पूर्णिमा को मनाया जाने वाला गुरु-पूजन का पर्व; इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं, क्योंकि इसी दिन वेदों के संकलनकर्ता महर्षि वेदव्यास का जन्म माना जाता है। शिष्य अपने गुरुजनों का पूजन कर कृतज्ञता अर्पित करते हैं।
पटना के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
पटना में जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि रहती है, उसी दिन मनाया जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- गुरु पूजा
- गुरुओं का सम्मान
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: குரு பூர்ணிமா (तमिल) · గురు పూర్ణిమ (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- आषाढ़ · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- आषाढ़ · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 22 Aani 2059 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 21 Asharh 1435 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 22 Ashadha 1435 (विलायती संवत)
- मलयालम: 22 Midhunam 1203 (कोल्लम संवत)
पटना के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
गुरु पूर्णिमा 2028
Vyasa
- गुरुवार, 6 जुलाई 2028दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: बुध, 5 जुल॰, 11:04 pm – गुरु, 6 जुल॰, 11:40 pm IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- गुरु पूर्णिमा क्या है?
- आषाढ़ पूर्णिमा को मनाया जाने वाला गुरु-पूजन का पर्व; इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं, क्योंकि इसी दिन वेदों के संकलनकर्ता महर्षि वेदव्यास का जन्म माना जाता है। शिष्य अपने गुरुजनों का पूजन कर कृतज्ञता अर्पित करते हैं।
- गुरु पूर्णिमा 2028 कब है?
- गुरु पूर्णिमा गुरुवार, 6 जुलाई 2028 को है।