दशहरा · 2025
तिथि: गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025
आश्विन शुक्ल दशमी को मनाया जाने वाला विजयादशमी पर्व — श्रीराम की रावण पर और देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय का उत्सव। इस दिन रावण के पुतलों का दहन, शमी पूजन और शस्त्र पूजा की जाती है।
गोरखपुर के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
गोरखपुर में जिस दिन अपराह्न में यह तिथि सबसे अधिक रहे, उसी दिन मनाया जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- आयुध पूजा
- रावण दहन
- शमी पूजा
- शोभायात्रा
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: விஜயதசமி (तमिल) · దసరా (तेलुगू) · ದಸರಾ (कन्नड़) · দশেরা (बंगाली) · വിജയദശമി (मलयालम)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- आश्विन · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- आश्विन · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 16 पुरट्टासि 2056 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 15 आश्विन 1432 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 16 आश्विन 1433 (विलायती संवत)
- मलयालम: 16 कन्नि 1201 (कोल्लम संवत)
गोरखपुर के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
दशहरा 2025
Rama/Durga
- गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: बुध, 1 अक्टू॰, 7:01 pm – गुरु, 2 अक्टू॰, 7:11 pm ISTपूजा मुहूर्त: 1:27–3:49 pm IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- दशहरा क्या है?
- आश्विन शुक्ल दशमी को मनाया जाने वाला विजयादशमी पर्व — श्रीराम की रावण पर और देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय का उत्सव। इस दिन रावण के पुतलों का दहन, शमी पूजन और शस्त्र पूजा की जाती है।
- दशहरा 2025 कब है?
- दशहरा गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025 को है।