दीवाली · 2025
तिथि: सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 · 6 दिन का पर्व (18 – 23 अक्टू॰)
दीपों का पर्व — अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव। कार्तिक अमावस्या को प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन किया जाता है।
पटना के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
पटना में जिस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद का समय) में यह तिथि सबसे अधिक रहे, उसी दिन मनाया जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- लक्ष्मी पूजा
- दीप प्रज्वलन
- रंगोली
- आतिशबाज़ी
- उपहार
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: தீபாவளி (तमिल) · దీపావళి (तेलुगू) · ದೀಪಾವಳಿ (कन्नड़) · দীপাবলি (बंगाली) · દિવાળી (गुजराती) · दिवाळी (मराठी) · ദീപാവലി (मलयालम) · ਦੀਵਾਲੀ (पंजाबी)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- आश्विन · कृष्ण पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- कार्तिक · कृष्ण पक्ष
- तमिल: 4 Aippasi 2056 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 3 Kartik 1432 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 4 Kartika 1433 (विलायती संवत)
- मलयालम: 3 Thulam 1201 (कोल्लम संवत)
पटना के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
दीवाली 2025
Lakshmi/Ganesha
- सोमवार, 20 अक्टूबर 2025दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: सोम, 20 अक्टू॰, 3:45 pm – मंगल, 21 अक्टू॰, 5:55 pm ISTपूजा मुहूर्त: 5:17–6:53 pm IST
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- दीवाली क्या है?
- दीपों का पर्व — अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव। कार्तिक अमावस्या को प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन किया जाता है।
- दीवाली 2025 कब है?
- दीवाली सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 को है।