छठ पूजा · 2024
तिथि: गुरुवार, 7 नवंबर 2024 · 4 दिन का पर्व (5 – 8 नव॰)
बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश का महापर्व — कार्तिक शुक्ल षष्ठी को सूर्यदेव और छठी मैया की उपासना। चार दिनों के इस कठिन व्रत में नहाय-खाय और खरना के बाद व्रती नदी या तालाब में खड़े होकर अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देते हैं।
Gwangju के लिए तिथियाँ और समय।
यही तिथि क्यों
Gwangju में जिस दिन सूर्योदय के समय यह तिथि रहती है, उसी दिन मनाया जाता है।
कैसे मनाया जाता है
- सूर्य उपासना
- अर्घ्य
- पवित्र स्नान
क्षेत्रीय पंचांग
अन्य नाम: छठ (भोजपुरी) · சட் பூஜை (तमिल) · ఛఠ్ పూజ (तेलुगू)
- अमांत (अमावस्या पर मास समाप्त; दक्षिण और पश्चिम भारत)
- कार्तिक · शुक्ल पक्ष
- पूर्णिमांत (पूर्णिमा पर मास समाप्त; उत्तर भारत)
- कार्तिक · शुक्ल पक्ष
- तमिल: 22 ऐप्पसि 2055 (तिरुवल्लुवर)
- बंगाली: 21 कार्तिक 1431 (बंगाब्द)
- ओड़िया: 22 कार्तिक 1432 (विलायती संवत)
- मलयालम: 22 तुलाम 1200 (कोल्लम संवत)
Gwangju के लिए गणना। हर सौर पंचांग अपने क्षेत्र के नियम से मास आरंभ करता है।
छठ पूजा 2024
Surya/Chhathi Maiya
- गुरुवार, 7 नवंबर 2024दिन का पंचांग देखें →तिथि अवधि: गुरु, 7 नव॰, 4:11 am – शुक्र, 8 नव॰, 4:05 am GMT+9
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- छठ पूजा क्या है?
- बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश का महापर्व — कार्तिक शुक्ल षष्ठी को सूर्यदेव और छठी मैया की उपासना। चार दिनों के इस कठिन व्रत में नहाय-खाय और खरना के बाद व्रती नदी या तालाब में खड़े होकर अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देते हैं।
- छठ पूजा 2024 कब है?
- छठ पूजा गुरुवार, 7 नवंबर 2024 को है।